Home   |   Feedback   |   Contact
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
महाभारत
जिज्ञासा
गर्व
प्रश्न
संघर्ष
कटु सत्य
आनन्द की ओर
स्मृति
शान्ति
साक्षरता का प्रकाश
विवशता
स्वदेश
वन्दना
एंकाकी
प्रकृति और मानव जीवन
हस्त कौशल
आजादी
चेतावनी
अपूर्ण-सम्पूर्णता
घट और गुण
जीवन के रस
अनुज
आशा
प्रयास
नव वर्ष
तुच्छ प्रयास
गुरुदेव
तरु और मनु
लालसा
न्याय
कवि की पत्नियाँ
कवि का इन्टरव्यू
नश्वरता
गरीबी का सुख
चाल्र्स शोभराज
कल्पना और यथार्थ
वह होली
अस्तित्व
श्रद्धाजंलि
पहचान
मेरा जीवन
नारी शक्ति
जागृति
उददेश्य
द्धृष्टिकोण
बाल श्रम
यथार्थ
 
 
 
Contact Person : Roli Shukla
 
Email Id: info@rolishukla.co.in
 
 
जागृति
नारी ईश्वर की सुन्दरतम् कृति है
अब उसमें आई नव जागृति है
गये वो दिन, बज वो थी अबला
नारी अब है सम्पूर्ण सबला।।
उसने अपनी असीम शक्तियाँ पहचानी है
उसका कोई स्तर नहीं है
ये बातें पुरानी है।।
उसका स्वाभिमान उसका सबसे बड़ा गहना है
शोषण और अत्याचार, अब
उसे बिल्कुल नहीं सहना है ।।
तो कर्तव्यनिष्ठ, साहसी, सहनशील है
वो तात्सल्य से भरी स्नेहिल झील है ।।
उसका प्रेम, स्नेह ममता कमजोरी नहीं शक्ति है
उसका निष्काय कर्म, वास्तव में उसकी भक्ति हैं ।।
आज वो जागरूक है, आशावान है
आज सशक्त उसका आत्मसम्मान है ।।
वो जीवन की चुनौतियों को सहजता से स्वीकृति है
कठिन कार्य करने से पहले, सोचती है विचारती है ।।
निर्णय लेने की क्षमता, उसमें भली-भाँति विकसित है
आज उसका मन देखो कितना हषित पुलकित है ।।
व्यक्तिगत् - कार्यगत सामन्जस्य को सदा बनाए रखती है
आज की नारी, कहो क्या नहीं कर सकती है ।।
परिवार, संस्था और समाज का जरा उसे सहयोग मिला तो उच्च शिखर पर पहुँचेगी वो
विश्व को नव-सम्मान दिला ।।
नारी-शक्ति नाम है जग की, ऐसी अदभुत शक्ति का क्या कहना है उसकी पावन और सशक्त अभिव्यक्ति कर ।।
ये अभिव्यक्ति जागृति के माध्यम से बढ़ती जाएगी।
नारी जीवन में ये एक प्रेरणा-शक्ति बन कर आएगी ।।
 
Designed By : SriRam Soft Trade Solutions