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चाल्र्स शोभराज
लूटा जिसने लाखों को, मारा जिसने लोगों को
वही है चातर्स शोभराज
पुलिस ने जेल के अन्दर किया
आया न फिर भी बाज
भाग गया वो जेल से देकर पुलिस को चकमा
उसी ग्रेट एस्केप से लगा पुलिस को सदमा
भागा नहीं अकेला वो, भागा छःह के साथ
जिससे दिल्ली पुलिस को, लगा बड़ा आघात
शोभराज की ससुराल है तिहाड़ जेल
जहां पर हुआ था उसका हथकड़ियों से मेल
यहीं से शुरु हुआ, शोभराज का खेल
सिपाहियों को दे दी उसने एक एक पीस मिठाई
उसकी इस मिठाई ने सबको, गहरी नींद सुलाई
भागे जल्दी शोभराज और भागे हाल छोड़ कर अपनी प्यारी दिल्ली की ससुराल
पर जब छःह अप्रैल का सुखद दिन था आया
बिगड़ गया था शोभराज का सारा खेल बनाया
ये और इनके साथी गोवा में पी रहे थे विस्की
पुलिस ने जब पकड़ा इनको, खेल हो गया रिस्की
हथकड़ियों से शोभराज का हो गया था मेल
और यहीं खत्म हुआ शोभराज का खेल ।
 
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